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जीरा

मसालों में जीरा बहुत ही महत्वपूर्ण है। शीतलता का गुण होने से यह हमारे शरीर के अन्दरूनी भाग में फोड़ा-फुंसी व घाव होने से बचाता है। इसका बीज लम्बा व गोल होता है, उपर हल्की… जीरा

अजवायन

अजवायन का दाना गहरे हरे रंग का लम्बा व बीज गाजर की तरह का होता है। ऊपर बारीक धारियाँ बनी हुई होती हैं। यह पाचक, रुचिकारक, पित्तनाशक होता है। यह खाने में गरम व तीक्ष्ण… अजवायन

कैर की खेती

कैर एक जंगली पेड़ है। यह प्राय: उन स्थानों पर पाया जाता है जहाँ की मिट्टी कठोर हो व जमीन जोत के काम आने काबिल न हो। इसकी पत्तियां बहुत छोटी होती हैं तथा डाली… कैर की खेती

मूली की खेती

मूली हमारे देश में प्राय: सभी जगह बोई जाती है। इसके लिए खाद वाली बालू मिट्टी अच्छी रहती है। इसकी फसल अगस्त से मार्च तक रहती है। केवल उत्तर भारत में इसकी फसल बारह मास… मूली की खेती

करेला की खेती

हमारे देश में करेला आदिकाल से चला आ रहा है। पहले किसानों के खेतों के चारों तरफ डोली पर काँटेदार छाड़ियाँ होती थी, जो आवारा पशुओं से खेत की रक्षा के लिए लगाई जाती थी।… करेला की खेती

पालक की प्राकृतिक खेती

यह हरे पत्तों वाली सब्जी है। इसके पत्ते लम्बे व चौड़े तथा उपर से गोलाकार होते हैं। इसमें भरपूर मात्रा में पौष्टिक तत्व पाये जाते हैं। ये वात, कफ, ज्वर नाशक होता है। पाचन शक्ति… पालक की प्राकृतिक खेती

भिंडी की खेती

ग्रीष्मकाल की सब्जियों में भिंडी का मुख्य स्थान है। यह पौष्टिक सब्जी है। इसमें विटामिन ए, सी, पाये जाते हैं। प्रोटीन व चिकनाई ज्यादा होती है। भूमि व जलवायु हर प्रकार की जलवायु में उगाई… भिंडी की खेती

मिर्च की खेती

इसमें विटामिन सी अधिक होता है। इसके बीजों में 23 प्रतिशत तेल पाया जाता है। मिर्च में कई औषधिय गुण होते हैं। हैजा होने पर हींग, मिर्च व कपूर का सेवन करने का सुझाव दिया… मिर्च की खेती

टमाटर की खेती

टमाटर ऐसी सब्जी है जिसे साल भर लगाया जा सकता है। इनके बिना कोई भी सब्जी स्वादिस्ट नहीं बनती, इसकी मांग बारह महिने रहती है। यह सब्जियों के साथ मिलाने, सूप, सलाद व चटनी इत्यादि… टमाटर की खेती

बैंगन की खेती

बैंगन लोकप्रिय सब्जी है। इसमें सभी तत्व पाये जाते हैं। इसकी वर्ष में कई फसलें ली जाती है। गर्मी में इसकी पैदावार ज्यादा होती है। बाजार में मांग भी ज्यादा रहती है। ये दो प्रकार… बैंगन की खेती