करौंदा की खेती
फलों में करीदा का उपयोग प्राचीन समय से ही कर रहे हैं। इसका पेड़ होता है, जो बारह से पन्द्रह फिट तक उपर बढ़ता है। इसके पत्ते छोटे व गहरे चिकने होते हैं तथा टहनियों… करौंदा की खेती
फलों में करीदा का उपयोग प्राचीन समय से ही कर रहे हैं। इसका पेड़ होता है, जो बारह से पन्द्रह फिट तक उपर बढ़ता है। इसके पत्ते छोटे व गहरे चिकने होते हैं तथा टहनियों… करौंदा की खेती
लहसुन का उपयोग हमारे देश में वैदिक काल से सब्जी के लिए मसालों व दवा के रूप मे लिया जाता है। इसकी विशेषता यह है कि यह हमारे रक्त में जमा कॉलस्ट्राल को कम करता… लहसुन की खेती
मेथी की खेती हमारे देश में आदिकाल से ही की जाती है – एक मोटी होती है तथा दूसरी बारीक। मोटी को सब्जी मसाले आदि में काम लेते हैं। इसकी पत्तियाँ बड़ी होती हैं। दूसरी… मेथी की खेती
धनिया मसाले के रूप में काम में लिया जाता है। इसका बीज गहरा भूरे रंग का और काली मिर्च के बराबर होता है। उपर हल्की धारी व थोथा होता है। यह शीतोष्ण है, यह शरीर… धनिया की खेती
कैर एक जंगली पेड़ है। यह प्राय: उन स्थानों पर पाया जाता है जहाँ की मिट्टी कठोर हो व जमीन जोत के काम आने काबिल न हो। इसकी पत्तियां बहुत छोटी होती हैं तथा डाली… कैर की खेती
मूली हमारे देश में प्राय: सभी जगह बोई जाती है। इसके लिए खाद वाली बालू मिट्टी अच्छी रहती है। इसकी फसल अगस्त से मार्च तक रहती है। केवल उत्तर भारत में इसकी फसल बारह मास… मूली की खेती
हमारे देश में करेला आदिकाल से चला आ रहा है। पहले किसानों के खेतों के चारों तरफ डोली पर काँटेदार छाड़ियाँ होती थी, जो आवारा पशुओं से खेत की रक्षा के लिए लगाई जाती थी।… करेला की खेती
यह हरे पत्तों वाली सब्जी है। इसके पत्ते लम्बे व चौड़े तथा उपर से गोलाकार होते हैं। इसमें भरपूर मात्रा में पौष्टिक तत्व पाये जाते हैं। ये वात, कफ, ज्वर नाशक होता है। पाचन शक्ति… पालक की प्राकृतिक खेती